Special story on Locust attack in Madhya Pradesh – 35 हजार लोगों के हिस्से का अनाज चट कर सकता 4 करोड़ टिड्डियों का दल, कई राज्यों में फैला है आतंक

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फायर ब्रिगेड व दवाई छिड़कने वाले पंप मैदान में 

रतलाम के कई गांव में टिड्डी दल का झुंड उड़ता हुआ नजर आया. किसान परेशान थे अपने स्तर पर उन्हें भगाने की कोशिश की, वहीं प्रशासन 4 फायर ब्रिगेड, 5 दवाई छिड़कने वाले ट्रैक्टर पंप के साथ मैदान में उतरा. आगर मालवा जिले में टिड्डी दल ने रतलाम से प्रवेश किया. गुडभेली, ढाबला क्षत्री, गुदरावन गांव में बबूल, नीम, आम, संतरा  के पेड़ों पर बैठे तीन किलोमीटर लंबे और दो किलोमीटर चौड़ा टिड्डी दल बैठा था, जिसे भगाने डीजे बजा, थालियां बजीं..पम्प की मदद से मेलाथियानऔर क्लोरो पाइरिफास का छिड़काव हुआ.

टिड्डी दल ने गोभी की फसल की चौपट
आगर मालवा से टिड्डी दल उज्जैन जिले के रना हेड़ा गांव में दिखा. दिल्ली से आई टीम ने टैंकरों से उनपर दवाई का स्प्रे

किया. उज्जैन से धार के कई गांवों में टिड्डी उड़ते पहुंचे किसान जब तक खेत में पहुंचे उनकी फसल वो चट कर चुके थे. राजेश पटेल के खेतों में टिड्डी दल ने हमला किया था वो बताते हैं रात में अचानक टिड्डी दल हमारे खेतों में उड़ते हुए पहुंच गया सूचना मिलते ही हम अपने खेतों को देखने पहुंच गए जब देखा तो गोभी की फसल पूरी तरह टिड्डी दल चौपट कर चुका था, 2 लाख का नुकसान हो गया.

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ढोल-पटाखों से भगाया गया

धार से टिड्डी दल इंदौर के सांतेर, भिडोता, काछी बड़ोदा जैसे गांवों में फसल को नुकसान पहुंचाते हुआ आगे बढ़ा. किसानों ने अपने स्तर पर इन्हें भगाने पटाखे चलाए,थाली बजाई. लॉकडॉउन और बीज नहीं मिलने से किसान खासे परेशान हैं. ऐसे में खरगोन जिले में टिड्डी गैंग की दस्तक उनकी और मुश्किलें बढ़ाने वाला है.

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टिड्डी दल रतलाम, मंदसौर, बड़नगर, इंदौर देपालपुर महू से होता हुआ खरगोन जिले के बड़वाह तहसील के बलवाड़ा , थरवर ,गव्लु पंचायत में घुस गया. इसके बाद टिड्डी दल सीधे वीआईपी इलाके पहुंचा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जिले, पटत्तलाई, झोलियापुर, बारदा, नरेला, कोठरा ,चक्लदी जैसे गांवों में मूंग को नुकसान पहुंचाया. टिड्डियों का दल ढोल, पटाखों से आगे भागा.

35 हजार लोगों के हिस्सा का अनाज खा सकता है

मालवा-निमाड़, नर्मदा अंचल और बुंदेलखंड के बाद विंध्य क्षेत्र में भी टिड्डी घुसे, लेकिन सतना में घेराबंदी कर उनका सफाया कर दिया गया. सतना कलेक्टर अजय कटेसरिया ने कहा दो टिड्डी दल आए थे, मूंग के एरिया में नहीं गये, आम

यूकिलिप्टस को टारगेट बना रहे हैं एक है एक रीवा के रास्ते निकल गया है लेकिन उसको डैमेज हुआ है.

अलग-अलग राज्यों में टिड्डियों के हमले से 1 लाख 25 हजार एकड़ खेतों को नुकसान पहुंचा है. 4 करोड़ टिड्डियों का दल 35 हजार लोगों के हिस्सा का अनाज खा सकता है. मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा हमने मीटिंग की हाई अलर्ट किया, भारत सरकार ने भी हाई अलर्ट किया, फायर गाड़ियों से स्प्रे करके 70 परसेंट का सफाया कर दिया है, जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें आरबीसी 6 (4 ) के अंतर्गत मुआवजा देकर क्षतिपूर्ति की जाएगी.

एक दिन में 100 से 200 किलोमीटर तक का सफर तय

टिडि्डयों का जीवन सामान्यतया 3 से 6 माह का होता है. नमी वाले इलाकों में ये एक बार में 20 से 200 तक अंडे देती हैं, जो 10 से 20 दिन में फूटते हैं. शिशु टिड्डी का पेड़-पौधे खाती है, 5-6 हफ्ते में बड़ी हो जाती है. इन्हें मारने का सबसे अच्छा उपाय अंडों के फूटते ही उन पर रसायन का छिड़काव है. टिड्डी अपने वजन से कहीं अधिक भोजन एक दिन में खाती है. ये एक दिन में 100 से 200 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है  फिलहाल मध्यप्रदेश में 8000 करोड़ रू की मूंग की फसल को इनसे खतरा है, बाकी राज्यों में ये कपास और मिर्ची को निशाना बना सकते हैं.

VIDEO: टिड्डी दल के हमले की आफत



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